
सौसर सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
सौसर नगर के शासकीय सांदीपनि विद्यालय के सभागार में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ बड़े ही उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री नानाभाऊ मोहोड रहे। उनके साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी भास्कर गावंडे, बीआरसी चैनशा यादव, प्राचार्य शैलजा बत्रा, उप प्राचार्य संजय गवनेकर एवं सौसर नगर पालिका अध्यक्ष सुरेखा डागा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पाठ्यपुस्तकें भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह झलकता नजर आया।
इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 23 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कक्षा 9वीं के मेधावी विद्यार्थी:
प्रथम – मेघना मेहत्रे (94.6%)
द्वितीय – पियूष वैद्य (92.2%)
तृतीय – संजना डेहरिया (92.5%)
अन्य उत्कृष्ट विद्यार्थियों में रजिन कौसर, वैष्णवी गुरवे, आर्या शुक्ला, योगेश्वरी सिसोदिया (88.6%), प्रियंका भक्ते एवं सिया पखाले शामिल रहीं।
कक्षा 11वीं के मेधावी विद्यार्थी:
प्रथम – रानू मस्साराम (88%)
द्वितीय – ऋषभ ईलनाती (85%)
इसके अलावा कृष्णा उईके, पार्वती फरकसे, कावेरी शेंडे, नयन लोणारे, गौतम सहारे, माही बेंडे, देव कुमरे एवं संतोषी पराड़कर सहित अन्य विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य शैलजा बत्रा ने कहा कि
“सफलता का वास्तविक अर्थ केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास और जीवन को सुखी एवं आनंदमय बनाना है।”
मुख्य अतिथि नानाभाऊ मोहोड ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए अनुशासन, नियमित अध्ययन एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता की कुंजी बताया।

वहीं नगर पालिका अध्यक्ष सुरेखा डागा ने अपने वक्तव्य में कहा कि
“प्रवेश उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत का प्रतीक है। शिक्षा ही वह आधार है, जो बच्चों को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाती है। सभी विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से अध्ययन कर अपने माता-पिता और नगर का नाम रोशन करना चाहिए।”
समापन अवसर पर सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने नए शैक्षणिक सत्र को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित रूप से किया गया और अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
